
कर्नाटक में सत्ताधारी कांग्रेस के अंदर चल रही सत्ता की खींचतान लगातार जारी है। इसी बीच कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान सामने आाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार को जरूरत पड़ने पर बातचीत के लिए दिल्ली बुलाया जाएगा। 20 नवंबर सत्ताधारी पार्टी के अंदर नेतृत्व की खींचतान जारी है। यह विवाद कांग्रेस सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल का आधा समय पूरा करने के बाद बढ़ गया। इसके बाद से लगातार मुख्यमंत्री बदलने की अटकलें लगाई जा रही हैं। 2023 में सरकार बनने के समय सिद्धारमैया और शिवकुमार दोनों को आधे कार्यकाल में मुख्यमंत्री बनाने के लिए कहा गया था।
मुख्यमंत्री पद को लेकर जंग हो रही
सिद्धारमैया, हाल ही में देवरराज उर्स का रिकॉर्ड तोड़कर राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता बने हैं। उन्होंने दावा किया है कि वह पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान का होगा। उपमुख्यमंत्री और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शिवकुमार ने रविवार को कहा कि उनकी कड़ी मेहनत उन्हें राजनीति में यहां तक लाई है और उन्हें अपने बारे में कांग्रेस पार्टी के भविष्य के फैसले पर भरोसा है। कर्नाटक में सत्ताधारी कांग्रेस में लगातार खींचतान जारी है। सिद्धारमैया और शिवकुमार में मुख्यमंत्री पद को लेकर जंग हो रही है। इसी बीच मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर दोनों को दिल्ली बुलाया जाएगा।