
अभिनेत्री एवं मंडी की सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने बयान से चर्चाओं में हैं. दिल्ली में एक एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कंगना ने मंडी संसदीयक्षेत्र में आई आपदा को भारी-भरकम भूकंप बता दिया. इससे एक बार फिर वह सोशल मीडिया यूजर्स और कांग्रेस के निशाने पर हैं. इंटरव्यू में कंगना नेसंसद के सत्र को लेकर उत्साहित होने की बात कही. पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ भी की। मंडी संसदीय क्षेत्र में आई आपदा को भारी भरकम भूकंपबताते हुए कहा कि इस संबंध में अलग-अलग मंत्रालय से मिलने को लेकर काम किया जा रहा है. ऑपरेशन सिंदूर और विश्वभर में भारत की स्थिति कोलेकर भी खुशी जताई.
तथ्यात्मक रुप से माना जा रहा है गलत
बता दें कि पहले कंगना आपदा के बीच मंडी में न होने को लेकर सोशल मीडिया से लेकर कांग्रेस नेताओं के निशाने पर रहीं. बाद में स्थिति संभालनेआपदा प्रभावित क्षेत्र सराज में दौरा करते हुए उनके मीडिया को दिए बयान काफी चर्चा में रहे. अपने बयान में उन्होंने आपदा को लेकर कोई फंड न होनेकी बात कही थी. अब बादल फटने के बाद हुई तबाही को कंगना ने भारी भरकम भूकंप बता दिया है. यूजर्स वीडियो पर टिप्पणी करते हुए सांसद कीकार्यप्रणाली पर ही सवाल उठा रहे है और ज्ञान रखने की सलाह दे रहे हैं. सांसद कंगना रनौत ने मंडी संसदीय क्षेत्र में आई आपदा को भारी भरकमभूकंप बताते हुए कहा कि इस संबंध में अलग-अलग मंत्रालय से मिलने को लेकर काम किया जा रहा है. मंडी में हाल ही में बादल फटने और भूस्खलनजैसी घटनाओं ने भारी तबाही मचाई थी. लेकिन कंगना द्वारा इसे ‘भारी-भरकम भूकंप’ कहना तथ्यात्मक रूप से गलत माना जा रहा है.
सोशल मीडिया पर दी तीखी प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर लोगों ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं. यूज़र्स का कहना है कि एक सांसद को स्थिति की सटीक जानकारी औरसंवेदनशीलता होनी चाहिए। इससे पहले भी कंगना आपदा के वक्त मंडी में मौजूद न रहने को लेकर आलोचनाओं का शिकार हो चुकी हैं. हालांकिबाद में उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और सराज में मीडिया को दिए गए बयान में फंड की कमी की बात कही थी. अब उनके हालियाइंटरव्यू ने एक बार फिर उनकी कार्यशैली और जानकारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में यूजर्स ने ‘स्लीपिंगसांसद’, ‘फेक नॉलेज’, ‘भूकंप बनाम क्लाउडबर्स्ट’ जैसे कमेंट्स किए हैं। कई लोगों ने उन्हें जिम्मेदारी के साथ बयान देने की सलाह दी है. कंगना रनौतएक चर्चित चेहरा जरूर हैं, लेकिन अब जब वे सांसद की जिम्मेदारी निभा रही हैं तो उनसे सटीक जानकारी, संवेदनशीलता और जागरूकता की अपेक्षाहै. ऐसे में हर बयान केवल व्यक्तिगत राय नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधि की सार्वजनिक ज़िम्मेदारी बन जाता है.