
राज्य में मनसा देवी पहाड़ी समेत राज्य में चार अन्य जगहों पर भूस्खलन उपचार को लेकर केंद्र सरकार ने 125 करोड़ की योजना मंजूर की है। इसकेतहत पहले चरण में साढ़े चार करोड़ (डीपीआर तैयार करने के लिए) की राशि जारी भी कर दी गई है. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण व उत्तराखंडभूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र ने प्रस्तावों को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) को भेजा था. इस राशि से मनसा देवी पहाड़ी परहो रहे भूस्खलन की रोकथाम का काम होगा। यह मार्ग कांवड़ यात्रा के दौरान वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग होता है. इसी तरह गलोगी जलविद्युतपरियोजना मार्ग मसूरी और नैनीताल स्थित चार्टन लॉज भूस्खलन से प्रभावित होता है, जहां पर उपचार का काम हो सकेगा. कर्णप्रयाग स्थित बहुगुणानगर में भूमि धंसने और पिथौरागढ़ जिले में खोतिला-घटधार भूस्खलन को लेकर संवेदनशील है, जहां पर ट्रीटमेंट का काम किया जाएगा.
सुरक्षा जा सके बढ़ाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री व गृहमंत्री के प्रति राज्य सरकार व प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया है।उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में दीर्घकालिक समाधान की दिशा में एक निर्णायक पहल है. उन्होंने भूस्खलन सेअत्यधिक प्रभावित पांच संवेदनशील स्थलों को प्राथमिकता के आधार पर चयन किया है. मसूरी और नैनीताल के इन क्षेत्रों में जलविद्युत परियोजनामार्ग और पर्यटन स्थलों के आसपास भूस्खलन की समस्या है. यहां भूस्खलन रोकने के लिए उपचार कार्य होंगे ताकि क्षेत्र की सुरक्षा बढ़ाई जा सके. कर्णप्रयाग में भूमि धंसने की समस्या पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. बहुगुणा नगर में भी संवेदनशील भू-भाग पर उपचार कार्य होंगे जिससे स्थानीयलोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.
प्रबंधन प्रधिकरण को भेजे थे प्रस्ताव
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) को प्रस्ताव भेजेथे. जिन पर केंद्र सरकार ने स्वीकृति प्रदान की. मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का आभार जताते हुए इस योजना को राज्य के लिए एक निर्णायकपहल बताया. उन्होंने कहा कि पांच सबसे प्रभावित और संवेदनशील स्थलों को प्राथमिकता के आधार पर चुना गया है और इससे दीर्घकालिक सुरक्षामिलेगी. उत्तराखंड में भूस्खलन की समस्या को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने मनसा देवी पहाड़ी समेत राज्य के चार अन्य संवेदनशील स्थानों परभूस्खलन उपचार के लिए 125 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. यह परियोजना राज्य की भूस्खलन प्रभावित इलाकों में दीर्घकालिक समाधान के लिएएक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.