
अमरनाथ यात्रा 2025 की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बारयात्रा को अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने विशेष इंतजाम किए हैं। हर स्तर पर सुरक्षापुख्ता की गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।
30 जून से शुरू हुआ ऑफलाइन पंजीकरण
जिन श्रद्धालुओं ने अभी तक ऑनलाइन पंजीकरण नहीं किया है, उनके लिए राहत की खबर है। सोमवार, 30 जून से जम्मू में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कीसुविधा शुरू कर दी गई है। ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किए जा रहे इस रजिस्ट्रेशन के लिए श्रद्धालु विशेष केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। बम-बम भोले के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया है।
ये केंद्र खासतौर पर उन लोगों के लिए खोले गए हैं जो तकनीकी कारणों से ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कर सके थे।
यात्रा मार्ग बना अभेद्य किला
पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले के मद्देनजर इस वर्ष सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक कड़ा किया गया है। यात्रा मार्ग को पूरी तरह सेसुरक्षित बनाया गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है। पूरे मार्ग की निगरानी के लिए हाईटेकउपकरणों और रणनीतिक तैनाती का सहारा लिया गया है।
मॉकड्रिल के जरिए सुरक्षा का अभ्यास
रविवार को समरोली और तोल्डी नाला क्षेत्रों में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक संयुक्त मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इसमें भारतीय सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (JKSDRF) ने भाग लिया। इस मॉक अभ्यास का उद्देश्य भूस्खलन जैसीआपात परिस्थितियों में तत्परता सुनिश्चित करना था।
यात्रा की शुरुआत और पहला जत्था
पवित्र अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2025 से शुरू होगी। इसका पहला जत्था 2 जुलाई को जम्मू के आधार शिविर से रवाना होगा। यात्रा दोनों मार्गों—बालटाल और पहलगाम—से एक साथ आरंभ की जाएगी। यात्रा मार्गों पर सुरक्षा के साथ-साथ चिकित्सा, परिवहन और ठहरने की सभी व्यवस्थाएंमजबूत की गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव मिल सके।