Sambhal News: संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर लगे बिजली चोरी के जुर्माने में बुधवार को सुनवाई हुई. सांसद के अधिवक्ता मोहम्मद नईमने प्रार्थना पत्र देकर समय देने का आग्रह किया है. हालांकि बिजली विभाग की ओर से समय अभी नहीं दिया गया है बिजली विभाग जुर्माने की अंतिमरिपोर्ट तैयार करने की तैयारी में है. संभल एक्सईएन नवीन गौतम ने कहा कि सांसद के अधिवक्ता बिजलीघर पहुंचे थे उन्होंने समय दिए जाने काआग्रह किया है. अब उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी. समय दिया जाएगा या नहीं इसको लेकर भी उच्च अधिकारियों सेवार्ता करेंगे. बताया कि इस जुर्माने के मामले में तीन बार नोटिस और तीन बार समय दिया जा चुका है. अब अंतिम रिपोर्ट तैयार करने की कार्रवाई कीजानी है अंतिम रिपोर्ट के बाद जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जाएगी.19 दिसंबर को सांसद जियाउर्रहमान बर्क के दीपा सराय स्थित आवास परबिजली चोरी का मामला विभाग ने पकड़ा था. मौके पर 16 किलोवाट से ज्यादा भार की खपत मिली थी जबकि सांसद जियाउर्रहमान बर्क और पूर्वसांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के नाम से दो-दो किलोवाट के दो मीटर लगे थे. जिसमें कई महीने की खपत जीरो थी. मीटर की एमआरआई कराई गईतो उसमें बिजली चोरी की पुष्टि हुई थी.
सांसद के आवास में हुए निर्माण की जांच
इसके बाद से लगातार सुनवाई की जा रही है सांसद जियाउर्रहमान बर्क के दीपा सराय स्थित आवास के मामले में 15 अप्रैल को सुनवाई की जाएगी. एसडीएम वंदना मिश्रा इस मामले में सुनवाई करेंगी सांसद के आवास में हुए निर्माण की जांच विनियमित क्षेत्र और पीडब्ल्यूडी के जेई ने की है. यहजांच रिपोर्ट एसडीएम को दे दी गई है इस जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की जानी है.मालूम हो 11 दिसंबर 2024 को संभल नियतप्राधिकारी/उपजिलाधिकारी विनियमित क्षेत्र की ओर से सांसद को नोटिस जारी किया गया था. जिसमें कहा था कि सांसद ने अपने आवास में बिनाअनुमति के नवनिर्माण कराया है.
ऑपरेशन एक्ट 1958 का है उल्लंघन
जिसका नक्शा पास नहीं है यह उत्तर प्रदेश रेगुलेशन ऑफ बिल्डिंग ऑपरेशन एक्ट 1958 का उल्लंघन है इस मामले में सुनवाई जारी है.संभल डीएमन्यायालय में सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता ममलुकुर्रहमान बर्क अपील दायर कर चुके हैं. पिछले शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी थी इसशुक्रवार को सुनवाई हो सकती है. सांसद के पिता का कहना है कि जिस निर्माण को अवैध बताते हुए सांसद के नाम नोटिस जारी किया गया है. वहनिर्माण का हिस्सा सांसद के नाम नहीं है बल्कि उनके नाम है.उनके पिता पूर्व सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के निधन के बाद उनके नाम विरासत दर्जहो गई थी. जो पालिका में भी दर्ज है सांसद के पिता का कहना है कि उनके नाम से नोटिस जारी होना चाहिए था. जिससे वह अपना पक्ष रख सकेंविनियमित क्षेत्र से उनके सांसद बेटे के नाम से नोटिस जारी कर दिया गया है.