
भाजपा ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पर विदेश से संचालित होने वाले खातों के जरिए भारत की छवि खराब करने का आरोप लगा दिया।पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि लगभग 2014 से लगातार कांग्रेस पार्टी विशेषकर राहुल गांधी और उनकी टीम, सोशल मीडिया टीम, एडवाइजरी कमेटी की टीम और लेफ्ट के जाने-माने चेहरे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतवर्ष को अपमानित करने के लिए कोई कोर-कसरबाकी नहीं छोड़ रहे हैं। पात्रा ने कहा, “X में कुछ दिन पहले एक नया फीचर आया है। इसके माध्यम से आप जान सकते हैं कि जो अकाउंटधारी है, वोकिस देश का है, अर्थात उसकी लोकेशन क्या है। कांग्रेस के बड़े नेता पवन खेड़ा का अकाउंट अमेरिका आधारित है। महाराष्ट्र कांग्रेस का अकाउंटआयरलैंड में आधारित है, लेकिन अभी इन्होंने इसे बदलकर INDIA कर दिया है। हिमाचल कांग्रेस का हैंडल @INCHimachal अकाउंट कनेक्टेडवाया एंड्रॉयड एप थाईलैंड दिखाता है।
आत्मसमर्पण की स्थिति में दिखाया गया
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “भले ही इसके लिए विदेशी ताकतों की मदद लेनी पड़े, भले ही विदेश में जाकर भारत के विरोध में कहनापड़े और भले ही विदेश से अपने अकाउंट्स का संचालन करके भारत में नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की जाए। कांग्रेस कहीं से भी पीछे नहीं है।” भाजपासांसद ने आगे कहा, ” राहुल गांधी केवल विदेश जाकर देश के खिलाफ ही नहीं बोल रहे हैं। वे केवल जेन-जी से मिलकर देश के खिलाफ माहौलबनाने की कोशिश नहीं करते हैं बल्कि कांग्रेस में काम का बंटवारा है। इनके लोग अलग-अलग देशों में बैठकर भारत में नैरेटिव सेट कर रहे हैं। वोटचोरी और ऑपरेशन सिंदूर का नैरेटिव सेट किया गया है। ऑपरेशन सिंदूर में प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय सेना को आत्मसमर्पण की स्थिति में दिखायागया था।” राहुल गांधी केवल विदेश जाकर देश के खिलाफ ही नहीं बोलते, बल्कि उन्होंने किस योजना और डिजाइन के साथ इस काम को विदेश सेकरवा रहे हैं।
शुभचिंतकों के हैंडल
बांग्लादेश, पाकिस्तान, दक्षिण-पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया, यूरोप और अमेरिका में बैठे उनके लोग, जिनका भारत से कोई लेना-देना नहीं है, वो भारतमें नैरेटिव सेट करते हैं। भारत में कुछ ऐसे नैरेटिव जो राहुल गांधी, कांग्रेस और लेफ्ट इकोसिस्टम के कहने पर सेट किए गए, ऐसे तीन नैरेटिव केउदाहरण मैं दूंगा। पहला – वोट चोरी का नैरेटिव सेट किया गया। दूसरा – ऑपरेशन सिंदूर में जो मोदी जी और भारत की सेना को एक तरह से दुर्बलदिखाने की कोशिश की गई, उसके पीछे भी पाकिस्तान, बांग्लादेश और पश्चिम एशिया में बैठे कुछ कांग्रेसी और उनके शुभचिंतकों के हैंडल हैं।तीसरा- संघ, संघ परिवार और मोदी जी पर व्यक्तिगत हमला करने का नैरेटिव भी विदेश से ही संचालित हुआ।