उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत लंका इलाके में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। रविदास गेट रोड के किनारे बने लगभग35 दुकानों को अतिक्रमण मानते हुए जमींदोज कर दिया गया। इस दौरान प्रशासनिक टीम के साथ भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।
‘चाची की कचौड़ी’ और ‘पहलवान लस्सी’ दुकानें ध्वस्त
ध्वस्तीकरण की चपेट में शहर की दो ऐतिहासिक और लोकप्रिय दुकानें ‘चाची की कचौड़ी’ और ‘पहलवान लस्सी’ भी आ गईं। ये दुकानें न केवलस्थानीय लोगों बल्कि पर्यटकों में भी खासा प्रसिद्ध थीं। बताया जा रहा है कि ये दुकानें करीब 120 साल पुरानी थीं और हर दिन सैकड़ों ग्राहक यहांआते थे।
फोरलेन सड़क के निर्माण की तैयारी
लोक निर्माण विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य सड़क को फोरलेन बनाना है, जिससे यातायात सुगम हो सके। अधिकारियों के अनुसार, सभीदुकानदारों को पहले ही नोटिस देकर सूचित कर दिया गया था, और अधिकांश ने स्वेच्छा से दुकानें खाली कर दी थीं। हालांकि कुछ व्यापारियों नेप्रशासन पर पर्याप्त समय न देने का आरोप भी लगाया है।
देर रात चला प्रशासनिक बुलडोजर
रात के समय जब प्रशासनिक अमला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा, तो दुकान मालिकों में अफरा-तफरी मच गई। लोग सामान समेटने लगेऔर कई भावुक क्षण भी देखने को मिले, खासकर पहलवान लस्सी वाले दुकानदार के आंसू छलक आए। पुलिस और स्थानीय लोगों ने उन्हें शांत करमौके से हटाया।
पुनर्वास और मुआवजे पर उठ रहे सवाल
अब लोगों की निगाहें प्रशासन पर हैं कि प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास और मुआवजे के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। यह मामला शहर केऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव से भी जुड़ा है, जिसे लेकर लोगों की भावनाएं भी सामने आ रही हैं।