
वडोदरा में आम आदमी पार्टी का बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन हुआ। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट किया- कार्यकर्ताओं का जोश और जज्बा बता रहा है कि गुजरात में बदलाव होकर रहेगा। सम्मेलन में साफ दिखा कि अब गुजरात डर से नहीं, हक और सम्मान की राजनीति से चलेगा। 30 साल की नाकामी, भ्रष्टाचार और दमन के खिलाफ अब जमीन से उठी आवाज भाजपा की नींद उड़ाने वाली है। उन्होंने कहा कि गुजरात कभी देश का सबसे समृद्ध राज्य था लेकिन अब भाजपा शासन में किसान, युवा और गरीब सभी पीड़ित हैं। केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी 2027 के गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर कर देगी। उन्होंने कहा, इन 30 साल में उन्होंने सबकुछ बर्बाद कर दिया और समाज के हर वर्ग का अपमान किया। यह लड़ाई सत्ता की नहीं, गुजरात के सम्मान की, गुजरातियों के आत्मसम्मान की लड़ाई है। यह किसी एक पार्टी को सत्ता से हटाकर दूसरी को सत्ता में लाने की लड़ाई नहीं है।
सात करोड़ रुपये मंच पर खर्च किए गए
केजरीवाल ने सभा को संबोधित करने से पहले 18 जनवरी, 2024 को हरनी झील में हुए नौका हादसे के पीड़ित परिजनों से मुलाकात की।इस हादसे में 12 स्कूली बच्चों और दो शिक्षकों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा, उन्हें (सत्तारूढ़ भाजपा) आपकी परवाह नहीं, सिर्फ ठेकेदारों की परवाह है। 12 बच्चों की जान चली गई लेकिन किसी को मुआवजा नहीं मिला, किसी को सजा नहीं मिली। केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि इस घटना से जुड़े दो परिवारों की महिलाएं मुख्यमंत्री की बैठक में गई थीं लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया और दो दिन बाद उनके घर गिरा दिए। उन्होंने कहा कि गुजरात का आदिवासी क्षेत्र सबसे पिछड़ा हुआ है और इसके विकास के लिए आवंटित धनराशि को अन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि जब अनुसूचित जनजाति आरक्षित क्षेत्र देदियापाड़ा से ‘आप’ विधायक ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत नर्मदा जिले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली पर खर्च के बारे में जानकारी मांगी तो पता चला कि राज्य के आदिवासी कल्याण कोष से 50 करोड़ रुपये खर्च किए गए।उन्होंने दावा किया कि दो करोड़ रुपये समोसे पर, पांच करोड़ रुपये टेंट पर और सात करोड़ रुपये मंच पर खर्च किए गए।