
दिल्ली की यमुना नदी को लेकर एक नई रिपोर्ट सामने आई है, जिससे बड़ा खुलासा हुआ है। यह रिपोर्ट DPCC यानी दिल्ली प्रदूषण नियंत्रणसमिति की है, जिसमें साफ कहा गया है कि यमुना की हालत पहले से भी ज्यादा खराब हो गई है। इस रिपोर्ट के आने के बाद आम आदमी पार्टी केविधायक संजीव झा ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को कड़ी आलोचना का निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने यमुना को साफ करने काजो वादा किया था, वह सिर्फ एक झूठा वादा निकला। चुनाव से पहले बहुत बड़े-बड़े दावे किए गए थे। प्रधानमंत्री और बीजेपी के नेता यमुना किनारेगए थे, फोटो खिंचवाए गए थे, वीडियो बनाए गए थे। लोगों को उम्मीद थी कि अब यमुना की सफाई सही तरीके से होगी। लेकिन अब जो सच्चाईसामने आई है, वह बहुत चौंकाने वाली और दुखद है।
रिपोर्ट में क्या कहा गया?
1 जुलाई को आई DPCC की रिपोर्ट में बताया गया है कि वजीराबाद से लेकर ओखला तक 22 किलोमीटर तक यमुना नदी का जो हिस्सा है, वहांप्रदूषण तीन गुना ज्यादा हो गया है। यह वही इलाका है, जहां बीजेपी ने कहा था कि हम जल्द ही सफाई करके यमुना को स्वच्छ बनाएंगे।
संजीव झा ने सवाल किया कि जब सफाई हो रही थी, तो यमुना और गंदी कैसे हो गई? अगर आप सफाई का दावा कर रहे हो, तो पानी में सुधारदिखना चाहिए। लेकिन अब तो स्थिति और खराब हो गई है। यह कैसे हुआ?
90 दिन में यमुना साफ करने का वादा
बीजेपी ने दावा किया था कि वो यमुना को 90 दिनों में पूरी तरह साफ कर देंगे। लेकिन अब तो 6 महीने से ज्यादा का समय बीत गया है और यमुनाकी हालत और बिगड़ गई है। जो इलाके पहले थोड़ा साफ थे, अब वहां भी गंदगी फैल गई है।
इससे यह साफ हो जाता है कि सिर्फ दिखावे के लिए सफाई का काम किया गया, असल में कोई सुधार नहीं हुआ। आम आदमी पार्टी का कहना हैकि अगर सच में काम हुआ होता, तो रिपोर्ट में यह नहीं आता कि यमुना और गंदी हो गई है।
हरियाणा और उत्तर प्रदेश का गंदा पानी
संजीव झा ने यह भी कहा कि हम पहले से ही यह बात कह रहे थे कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश से बिना साफ किया हुआ इंडस्ट्रियल वेस्ट (औद्योगिकगंदा पानी) यमुना में डाला जा रहा है। लेकिन बीजेपी इसे झूठ बता रही थी। अब DPCC की रिपोर्ट ने यह बात साबित कर दी है कि वाकई मेंहरियाणा और उत्तर प्रदेश से गंदा पानी यमुना में आता है। इन राज्यों की फैक्ट्रियों का कचरा बिना ट्रीटमेंट के यमुना में मिल रहा है, जिससे प्रदूषणबहुत बढ़ गया है।
पर्यावरण मंत्री की रीलों पर तंज
संजीव झा ने दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, जब यमुना की हालत दिखाने का समय था, तब मंत्री जी रीलें बना रहेथे। अब जाकर देखें कि यमुना की सच्चाई क्या है। उन्होंने कहा कि सिर्फ सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर दिखाने से यमुना साफ नहीं हो जाएगी।असली काम जमीन पर होना चाहिए।
आम आदमी पार्टी की मांग
संजीव झा ने साफ कहा कि सरकार को जनता को यह बताना चाहिए कि पिछले 6 महीनों में यमुना सफाई का कितना काम हुआ है। उन्होंने मांग कीकि सरकार को इसकी रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक करनी चाहिए। उन्होंने कहा, अगर आप सही में सफाई कर रहे थे, तो गंगा और यमुना और गंदी क्यों होगईं?
यमुना नदी केवल एक नदी नहीं है। यह दिल्ली के लोगों के जीवन, आस्था और पर्यावरण से जुड़ी हुई है। बीजेपी ने वादा किया था कि यमुना कोसाफ करेंगे, लेकिन सच इसके उल्टा है। रिपोर्ट बता रही है कि यमुना की हालत और खराब हो गई है। अब जनता को सिर्फ वादे नहीं चाहिए। अबलोग चाहते हैं कि सरकार सही काम करे, और हर 3 महीने में रिपोर्ट दे, कि कितना काम हुआ, कितना बजट खर्च हुआ, और उसका असर क्या है।