
अमेरिका ने भारत समेत कई अन्य देशों पर लगने वाला टैरिफ एक हफ्ते के लिए टाल दिया है. पहले ये टैरिफ 1 अगस्त से लागू होना था. लेकिन अबयह 7 अगस्त से लागू होगा. गुरुवार को व्हाइट हाउस ने उन देशों की सूची जारी की. जिन पर अमेरिकी सरकार ने टैरिफ लगाया है या फिर संशोधितकिया है। ‘पारस्परिक टैरिफ दरों में और संशोधन’ शीर्षक वाले एक कार्यकारी आदेश में, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया भर के लगभग 70 देशों केलिए टैरिफ दरों की घोषणा की. भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है। कार्यकारी आदेश में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार औरसुरक्षा समझौते करने के लिए कुछ व्यापारिक साझेदार देश सहमत हो गए हैं और कुछ सहमत होने के कगार पर हैं.
अतिरिक्त जुर्माना लगाने का अनुमान
यह व्यापार बाधाओं को स्थायी रूप से दूर करने और आर्थिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में अमेरिका के साथ तालमेल बिठाने के उनके ईमानदार इरादोंका संकेत देता है. ट्रंप ने कहा, ‘बातचीत में शामिल होने के बावजूद, कई व्यापारिक साझेदारों ने ऐसी शर्तें पेश की हैं जो, मेरे विचार से, हमारेव्यापारिक संबंधों में असंतुलन को दूर नहीं करती हैं या आर्थिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में अमेरिका के साथ पर्याप्त रूप से तालमेल बिठाने मेंविफल रही है. ये टैरिफ 7 अगस्त से लागू होंगे. इस सूची में 10 से लेकर 40 प्रतिशत तक टैरिफ लगाए गए हैं. इनमें जापान पर 15 प्रतिशत, लाओसऔर म्यांमार पर 40-40 प्रतिशत, श्रीलंका पर 20 प्रतिशत और ब्रिटेन पर 10 प्रतिशत टैरिफ शामिल है ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ और रूससे सैन्य उपकरण और ऊर्जा की खरीद के लिए अतिरिक्त जुर्माना लगाने का एलान किया है.
भारत के साथ भारी व्यापार घाटा
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का भारत के साथ भारी व्यापार घाटा है उन्होंने कहा ‘भारत हमारा मित्र है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में हमने उनके साथअपेक्षाकृत कम व्यापार किया है क्योंकि उनके टैरिफ बहुत ज्यादा हैं दुनिया में सबसे ज़्यादा हैं साथ ही किसी भी देश की तुलना में उनके सबसे कठोरगैर-मौद्रिक व्यापार प्रतिबंध हैं.’ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का भारत के साथ भारी व्यापार घाटा है. उन्होंने कहा ‘भारत हमारा मित्र है. लेकिन पिछले कुछवर्षों में हमने उनके साथ अपेक्षाकृत कम व्यापार किया है क्योंकि उनके टैरिफ बहुत ज्यादा हैं, दुनिया में सबसे ज़्यादा हैं.’ इस टैरिफ के साथ-साथभारत की रूस से ऊर्जा और सैन्य उपकरण खरीद पर अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया है, हालांकि कार्यकारी आदेश में इस जुर्माने का स्पष्ट उल्लेखनहीं है. एक संघीय अपीलीय न्यायालय ने यह भी कहा है कि ट्रंप का आपातकालीन अधिकार (IEEPA) व्यापक टैरिफ लगाने के लिए वैध नहीं है, और वर्तमान टैरिफ आदेशों को चुनौती दे रहा है जिन देशों ने संतुलित शर्तें पेश नहीं की, उन पर टैरिफ लगाए गए हैं ताकि व्यापार असंतुलन दूर कियाजा सके और सुरक्षा सहयोग बढ़े.