
अमेरिकी ने कैरेबियाई जल क्षेत्र में एक संदिग्ध पनडुब्बी को निशाना बनाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को बताया कि इस पनडुब्बी सेफेंटानिल ड्रग की अमेरिका में तस्करी की जा रही थी। उन्होंने बताया कि अमेरिकी हमले में ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अमेरिका दोसंदिग्ध ड्रग तस्करों को उनके मूल देश इक्वाडोर और कोलंबिया वापस भेज रहा है। ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर साझा एक पोस्ट में लिखा, ‘एक बड़े पैमाने पर ड्रग ले जाने वाली पनडुब्बी को नष्ट करना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात थी। यह पनडुब्बी एक जाने-माने मादक पदार्थों कीतस्करी के रास्ते से अमेरिका की ओर आ रही थी।’ उन्होंने आगे कहा कि यह पनडुब्बी फेंटेनाइल और अन्य ड्रग्स से भरी हुई थी। ट्रंप ने लिखा किपनडुब्बी पर चार तस्कर सवार थे, जिनमें से दो अमेरिकी हमले में मारे गए और बाकी दो को हिरासत में लेकर उनके मूल देश कोलंबिया और इक्वाडोरभेजा जा रहा है। अगर यह पनडुब्बी अमेरिका पहुंच जाती तो इसमें मौजूद ड्रग्स से कम से कम 25 हजार अमेरिकी लोगों की मौत होती।
हालांकि ताजा हमले में भी अमेरिका ने ऐसा कोई सबूत नहीं दिया
कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने भी एक कोलंबियाई संदिग्ध को अमेरिका से वापस भेजे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखाकि ‘हमें खुशी है कि वह जिंदा है और उस पर कानून के मुताबिक मुकदमा चलाया जाएगा।’ पनडुब्बी पर अमेरिकी हमला ऐसे समय हुआ है, जबअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान छेड़ा हुआ है। इसके चलते ट्रंप ने वेनेजुएला से अमेरिकी की तरफ कथित तौर परड्रग तस्करी करने वाली नौकाओं को निशाना बनाया है। हालांकि ताजा हमले में भी अमेरिका ने ऐसा कोई सबूत नहीं दिया, जिससे पता चले कि जिसपनडुब्बी पर हमला हुआ, उस पर ड्रग तस्कर ही सवार थे। न ही अमेरिका ने ये बताया कि ये पनडुब्बी कहां से आ रही थी। ट्रंप ने लिखा कि पनडुब्बीपर चार तस्कर सवार थे, जिनमें से दो अमेरिकी हमले में मारे गए और बाकी दो को हिरासत में लेकर उनके मूल देश कोलंबिया और इक्वाडोर भेजा जारहा है।