"National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |    

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने डॉक्टरों के वापस काम पर आने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि डॉ. राघव नरूला का टर्मिनेशन रिव्यू करने के लिए नई कमेटी का गठन होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी डॉक्टर का करियर खराब नहीं करना चाहती है। टर्मिनेशन सरकार ने नहीं, बल्कि हॉस्पिटल की रिपोर्ट के आधार पर विभाग की ओर से किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे मामले में भाजपा ने सिर्फ राजनीति की। भाजपा पांच गुटों में बंटी हुई है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि इस पूरे मामले में भारतीय जनता पार्टी में सिर्फ राजनीति की। उन्होंने कहा कि भाजपा का एक विधायक इस पूरे मामले में डॉक्टर के साथ जबकि दूसरा विधायक के मरीज के साथ देता नजर आया। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के हित में काम कर रही है। सरकार किसी का भी बुरा नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बयानों पर तो कोई प्रतिक्रिया देने का अर्थ ही नहीं है, क्योंकि वे रोज़ाना कुछ न कुछ कहते ही रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टरों के वापस काम पर लौटने से आम जनता को राहत मिलेगी।

मनरेगा योजना से उन्होंने महात्मा गांधी का नाम हटा दिया
केंद्र सरकार की ओर से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम का नाम बदलने के विरोध में सोमवार को कांग्रेस ने शांतिपूर्ण सत्याग्रह किया। शिमला में रिज पर लगी महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार समेत अन्य मंत्रियों और विधायकों ने शांतिपूर्वक धरना देकर विरोध दर्ज करवाया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि भाजपा बदले की भावना के साथ-साथ बदलने की भावना से काम कर रही है। भाजपा सरकार देश के इतिहास से छेड़छाड़ कर रही है। कांग्रेस के शासनकाल में शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को नाम बदलने के साथ उनमें संशोधन करके कमजोर करने का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना भाजपा की संकीर्ण सोच को दर्शाता है मनरेगा का सिर्फ नाम ही नहीं बदला, बल्कि इसकी गारंटी को भी सरकार ने खत्म कर दिया है। केंद्र सरकार देश से महात्मा गांधी की पहचान मिटाने का काम कर रही है। यही कारण है कि कांग्रेस के समय में शुरू मनरेगा योजना से उन्होंने महात्मा गांधी का नाम हटा दिया।

कांग्रेस को जब शासन चलाना नहीं आता
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान है। केंद्र सरकार को गांधी सरनेम से दिक्कत है, इसलिए मनरेगा का नाम बदला गया। यह कानून गरीबों को कुचलने और उन्हें दबाने के लिए है। मनरेगा सिर्फ योजना नहीं थी, यह अधिकारों का सिद्धांत था। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने शिमला के रिज मैदान पर कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा मनरेगा को लेकर किए गए धरने को पूरी तरह झूठ, भ्रम और राजनीतिक नौटंकी करार दिया है। सत्ती ने कहा कि कांग्रेस को जब शासन चलाना नहीं आता, तो वह तथ्यों को तोड़–मरोड़ कर जनता को गुमराह करने के लिए धरनों का सहारा लेती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *