उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित जेवर को टेक्नोलॉजी हब के रूप में नया आयाम मिलने जा रहा है। केंद्र सरकार ने यहां देश की छठी सेमीकंडक्टरयूनिट की स्थापना को हरी झंडी दे दी है। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में जानकारी साझा की।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत चल रहा विकास
यह परियोजना भारत सरकार के ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ का हिस्सा है, जिसके तहत देशभर में सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है।अब तक देश में पांच सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दी जा चुकी है और निर्माण कार्य प्रगति पर है।
एचसीएल और फॉक्सकॉन का संयुक्त उपक्रम
जेवर में लगने वाली यह यूनिट एचसीएल और फॉक्सकॉन के संयुक्त सहयोग से स्थापित की जाएगी। यह प्लांट यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकासप्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में जेवर एयरपोर्ट के पास बनेगा। इस परियोजना में 3,700 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और उत्पादन वर्ष 2027 से आरंभ होगा।
मोबाइल से लेकर ऑटोमोबाइल तक में होगी चिप्स की उपयोगिता
इस यूनिट में तैयार की जाने वाली सेमीकंडक्टर चिप्स का उपयोग मोबाइल फोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल और कंप्यूटर जैसे उपकरणों में कियाजाएगा। एक अन्य यूनिट में इसी साल से उत्पादन शुरू होने की संभावना है।
शिक्षा और स्टार्टअप क्षेत्र को भी बढ़ावा
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देशभर के 270 शिक्षण संस्थानों और 70 से अधिक स्टार्टअप से जुड़े छात्र और नवाचारकर्ता अत्याधुनिक डिज़ाइन तकनीकोंपर कार्य कर रहे हैं, जिससे भारत को सेमीकंडक्टर तकनीक में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी आ रही है।
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट बना रहा है आधार
गौरतलब है कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इसके शुरू होते ही क्षेत्र में वैश्विक निवेश और औद्योगिक गतिविधियोंको नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।