
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार ने चीनी का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने पर विचार करने का जोफैसला लिया है, उसका श्रेय उन्हें जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात के बाद यह कदम उठाया गया है। केंद्रीय खाद्यएवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार को कहा था कि केंद्र ने 2025-26 के लिए 15 लाख टन चीनी निर्यात की अनुमति दी है।उन्होंने कहा कि केंद्र उद्योग की इस मांग को भी देखेगा कि चीनी का एमएसपी बढ़ाया जाए। फरवरी 2019 से चीनी का एमएसपी 31 रुपये प्रतिकिलोग्राम है, जबकि चीनी उद्योग संगठन (आईएसएमए) उत्पादन लागत बढ़ने के चलते इसे 40 रुपये प्रति किलोग्राम करने की मांग कर रहा है।सिद्धारमैया ने कहा, प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि वह एमएसपी को 31 रुपये बढ़ाकर 40 रुपये करने पर विचार करेंगे। मैंने 41 रुपये प्रति किलोग्राम कीमांग की थी। मैंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया तो उन्होंने यह कदम उठाया।
प्रह्लाद जोशी की घोषणा से खुशी
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि चीनी कारखानों ने उनसे और मुख्यमंत्री से कहा था कि पिछले सात-आठ साल से चीनी की कीमतें नहीं बढ़ीहैं, इसलिए उन्हें बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा, हमने प्रधानमंत्री से आग्रह किया। किसान और मिल दोनों को फायदा होना चाहिए। अगर फैक्ट्रियां रहेंगीतो किसान भी रहेंगे और किसान रहेंगे तो फैक्ट्रियां भी चलेंगी। शिवकुमार ने कहा कि केंद्र बिजली, ब्याज दरें, गुड़, गन्ने से जुड़े मामलों में फैसला लेताहै और कर्नाटक ने इस पर न्याय करने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रह्लाद जोशी की घोषणा से खुशी है।
केंद्र से अधिसूचना जारी करने की मांग की
सिद्धारमैया ने सोमवार को दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात की थी और राज्य से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की थी। उन्होंने एक विस्तृत ज्ञापन भी दिया, जिसमें पुरानी लंबित मांगों को शामिल किया गया था, जिनमें गन्ना किसानों का मुद्दा भी था।मुख्यमंत्री ने कहा था कि चीनी का एमएसपी 31 रुपयेप्रति किलो पर स्थिर है, जिस वजह से मिलें किसानों को सही दाम नहीं दे पा रहीं। उन्होंने पीएम से एमएसपी बढ़ाने, कर्नाटक की डिस्टिलरी के लिएतय इथेनॉल खरीद की गारंटी देने और राज्यों को पारदर्शी व किसान-हितैषी मूल्य तय करने में मदद के लिए केंद्र से अधिसूचना जारी करने की मांग कीथी।