
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर मचा सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार केबीच प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुबानी जंग जारी है। हालिया घटनाक्रमों की बात करें तो दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर शब्द या वादे कोनिभाने की ओर इशारा कर रहे हैं। कर्नाटक में संभावित नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने फिलहाल नेतृत्वपरिवर्तन पर किसी भी तरह की बातचीत होने से इनकार कर दिया है। कांग्रेस नेता शिवकुमार गुरुवार को कहा कि वह किसी भी चीज के लिएजल्दबाजी में नहीं हैं। उन्होंने साप किया कि हाल ही में हुई मुंबई यात्रा के दौरान उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात नहीं की थी।
सिद्धारमैया के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा
डीके शिवकुमार को कर्नाटक में सिद्धारमैया के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए सबसे पहले नेतृत्वपरिवर्तन की ओर इशारा किया। इसे पार्टी नेतृत्व को उसके कथित वादे के बारे में सार्वजनिक तौर पर संकेत के रूप में देखा गया था। माना जाता है किशिवकुमार को कर्नाटक सरकार के पांच साल के कार्यकाल के ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बनाए जाने का फॉर्मूला दिया गया था। कर्नाटक कीसिद्धारमैया सरकार ने 20 नवंबर को ढाई साल पूरे कर लिए हैं। हालांकि, कांग्रेस की ओर से आधिकारिक तौर पर ऐसा कोई एलान नहीं किया गयाथा